पंजाब। पंजाब पुलिस के सस्पेंड DIG हरचरण सिंह भुल्लर की जमानत याचिका चंडीगढ़ CBI कोर्ट ने 2 जनवरी 2026 को खारिज कर दी। इसके बाद अब बिचौलिए किर्शनु शारदा ने चंडीगढ़ CBI कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है, जिस पर कोर्ट ने CBI को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने इस मामले में CBI से 7 जनवरी को जवाब दाखिल करने को कहा है। किर्शनु शारदा की ओर से कोर्ट में दलील दी गई कि मामले में चालान दाखिल हो चुका है, जांच पूरी हो चुकी है और उसे झूठा फंसाया गया है। ऐसे में उसे जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए। CBI के मुताबिक, किर्शनु शारदा को 16 अक्टूबर 2025 को पंजाब पुलिस के निलंबित DIG हरचरण सिंह भुल्लर के साथ गिरफ्तार किया गया था। CBI के अनुसार, आरोप है कि भुल्लर ने 2023 में सरहिंद पुलिस स्टेशन में दर्ज एक FIR को सेटल कराने और शिकायतकर्ता आकाश बत्ता के स्क्रैप कारोबार के खिलाफ आगे किसी तरह की सख्त कार्रवाई न करने के बदले शारदा के माध्यम से अवैध धन की मांग की थी।
सेवा-पानी का मतलब रिश्वत ही नहीं
पूर्व DIG भुल्लर के वकील ने कहा कि, CBI ने चालान में रिश्वत के तौर पर जिस शब्द का इस्तेमाल किया है, वह “सेवा पानी” है। “सेवा पानी” का क्या मतलब है, इसका कुछ भी अर्थ हो सकता है, यह जरूरी नहीं कि इसका मतलब रिश्वत ही हो। वकील ने कहा कि, सेक्टर-9 D, चंडीगढ़ में बिचौलिया, शिकायतकर्ता आकाश और CBI के अधिकारी सचिन की लोकेशन आ रही है। कोई और गवाह वहां नहीं है। DIG भुल्लर की गिरफ्तारी के समय CBI ने पंजाब के किसी भी सीनियर अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं दी। DIG के वकील ने कहा कि, CBI ने जो केस दर्ज किया है, उसमें ना तो टाइम, ना तारीख और ना ही जगह का जिक्र किया गया है। इसके अलावा जो रिश्वत की राशि बताई गई है, उसका भी कागजों में विरोधाभास है, पहले एक लाख रुपए और फिर चार लाख रुपए का जिक्र किया गया है।
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Yashpal Sharma (Editor)