पंजाब। पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मनजिंदर सिंह को तरनतारन की अदालत ने 4 साल की सजा सुनाई है। उनकी विधायकी पर तलवार लटक गई है। हालांकि लालपुरा के पास ऑप्शन है कि वह हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं। कोर्ट के ऑर्डर के अनुसार पीड़ित लड़की को मुआवजे भी देना होगा। 10 सितंबर को अदालत ने 12 साल पहले युवती से मारपीट करने और छेड़छाड़ के आरोप में उन्हें दोषी ठहराया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। अदालत ने घटना के वक्त टैक्सी ड्राइवर रहे विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा के अलावा 5 पुलिसकर्मियों दविंदर कुमार, सारज सिंह, अश्वनी कुमार, तरसेम सिंह और हरजिंदर सिंह को भी दोषी ठहराया था। हालांकि, कोर्ट ने गगनदीप सिंह और पुलिसकर्मी नरिंदरजीत सिंह और गुरदीप राज को ज्यूडिशियल हिरासत में नहीं भेजा। यह पूरा मामला 2013 का है। उस समय विधायक लालपुरा टैक्सी ड्राइवर थे। उन पर शादी में आई युवती के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था। युवती ने टैक्सी ड्राइवरों पर छेड़छाड़ का भी आरोप लगाया था। विधायक लालपुरा के एडवोकेट ने बताया था कि दलित युवती से मारपीट का केस है।
मासी के बेटे की शादी में गई थी, तब हुई घटना
पीड़िता ने इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए बताया था कि यह मामला 3 मार्च 2013 का है। इस दौरान वह अपनी मासी के बेटे की शादी में गई थी। उस समय मनजिंदर सिंह लालपुरा टैक्सी ड्राइवर थे। शादी के दौरान लालपुरा समेत हरविंदर सिंह और गुरदीप सिंह ने उसके साथ गलत हरकतें कीं। उसे और उसके परिवार को जातिसूचक शब्द कहे गए। पुलिस कर्मचारियों ने भी उसके परिवार के साथ मारपीट की। सभी ने मिलकर उसके साथ अश्लील हरकतें भी कीं।
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Yashpal Sharma (Editor)