चंडीगढ़। पंजाब चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी सरकार ने कारोबारियों को बड़ा झटका दिया है। सरकार अब मेंटेनेंस चार्ज की वसूली बिजली बिल के साथ करेगी। अगर किसी फैक्ट्री या अन्य औद्योगिक इकाई ने मेंटेनेंस चार्ज नहीं भरा तो उसका बिजली कनेक्शन भी काटा जा सकता है। इसके लिए सरकार इंडस्ट्रियल एरिया में नया कानून लाने जा रही है। इसके लिए आप सरकार ने 3 अगस्त को 'पंजाब कॉमन इन्फ्रास्ट्रक्चर (रेगुलेशन एंड मेंटेनेंस) अमेंडमेंट बिल-2026' विधानसभा में पेश किया। उद्योग मंत्री अमन अरोड़ा द्वारा पेश किए गए इस बिल का मकसद औद्योगिक क्षेत्रों में सड़कें, स्ट्रीट लाइट, सुरक्षा, ड्रेनेज और कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाओं के रखरखाव के लिए नियमित फंड जुटाना और पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है। यह कानून उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, आवास एवं शहरी विकास विभाग और स्थानीय निकाय विभाग के अधीन आने वाले सभी इंडस्ट्रियल एरिया, पार्क और एस्टेट में लागू होगा। नोटिफाई इंडस्ट्रियल पार्कों और एस्टेट्स के बाहर बने औद्योगिक क्लस्टर भी इसके दायरे में आएंगे, अगर उनके पास सभी जरूरी कानूनी मंजूरियां हैं। फिलहाल बिल विधानसभा में पेश हुआ है। विधानसभा से पास होने, राज्यपाल की मंजूरी और नोटिफिकेशन जारी होने के बाद यह लागू होगा।
बिजली बिल के साथ वसूला जाएगा सर्विस चार्ज
अब तक मेंटेनेंस के लिए सर्विस चार्ज अलग से लिया जाता था, लेकिन इसकी वसूली में दिक्कत आती थी। अब यह चार्ज हर महीने बिजली बिल में जुड़कर आएगा। इसकी वसूली PSPCL करेगी और बदले में उसे कुल रकम का 3% प्रशासनिक शुल्क मिलेगा। चार्ज की दर सरकार तय करेगी। यह उद्योग के मंजूर बिजली लोड या उसकी कैटेगरी के हिसाब से होगी। छोटे, मध्यम और बड़े उद्योगों के लिए अलग-अलग स्लैब होंगे। नगर निगम क्षेत्र में यही चार्ज प्रॉपर्टी टैक्स के बदले माना जाएगा।
जमा पैसा कहां जाएगा, किस पर खर्च होगा?
बिजली बिल के जरिए वसूली गई रकम का 90% हिस्सा संबंधित इंडस्ट्रियल एरिया की SPV को मिलेगा। इससे सड़क, स्ट्रीट लाइट, ड्रेनेज, सफाई और कचरा प्रबंधन जैसे काम होंगे। बाकी 10% राशि PSIEC, PUDA और PMIDC जैसी सरकारी एजेंसियों को मिलेगी, जो बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट के काम पर खर्च होगी। पहले कम वसूली और खराब रखरखाव के कारण करोड़ों रुपए का बकाया जमा हो गया था।