पंजाब। पंजाब में बिजली संकट को लेकर किसान मजदूर मोर्चा ने आज राज्यभर में बड़ा प्रदर्शन किया। संगठन के नेतृत्व में 17 जिलों की 31 जगहों पर पावरकॉम के अधिकारियों के दफ्तरों के बाहर धरना देकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया गया। किसान नेताओं का आरोप है कि राज्य सरकार ने चुनाव के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति का वादा किया था, लेकिन मौजूदा समय में पंजाब के कई इलाकों में लंबे-लंबे बिजली कट लग रहे हैं। उनका कहना है कि दिन और रात दोनों समय बिजली की कमी के कारण किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर धान की फसल पर इसका सीधा असर पड़ रहा है और समय पर सिंचाई नहीं होने से फसल के नुकसान की आशंका बढ़ गई है।
बिजली मोटरों को रोजाना कम से कम 16 घंटे मिले सप्लाई
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मांग की है कि खेती के लिए चलने वाले बिजली मोटरों को रोजाना कम से कम 16 घंटे लगातार बिजली उपलब्ध कराई जाए। वहीं घरेलू उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि आम लोगों को भी राहत मिल सके। किसान मजदूर मोर्चा ने स्मार्ट मीटर लगाए जाने का भी विरोध किया। नेताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर लागू होने से ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसलिए सरकार पुराने बिजली मीटरों की व्यवस्था को ही जारी रखे।
बिजली बोर्ड के निजीकरण पर जताई चिंता
इसके अलावा किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार बिजली बोर्ड के निजीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसका किसान और कर्मचारी संगठन विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि पावरकॉम में बड़ी संख्या में कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन उनकी जगह नई भर्ती नहीं की जा रही है। किसान मजदूर मोर्चा ने सरकार से मांग की है कि पावरकॉम में खाली पदों पर जल्द भर्ती की जाए, किसानों और आम उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जाए तथा बिजली संकट का स्थायी समाधान निकालने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाए जाएं।
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Yashpal Sharma (Editor)