चमोली/रुद्रप्रयाग।
उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र में स्थित नगरासू गुरुद्वारे को लेकर विवाद ने शनिवार को गंभीर रूप ले लिया। पंजाब से पहुंचे निहंग सिंहों के एक समूह ने गुरुद्वारे पर कब्जा कर लिया और वहां मौजूद एक सेवादार को कथित तौर पर बंधक बना लिया। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया, जिसके चलते प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करनी पड़ी।
जानकारी के अनुसार, 16 जून को शुरू हुए विवाद के बाद शनिवार देर शाम निहंग सिंहों ने नगरासू स्थित गुरुद्वारे में प्रवेश कर कब्जा कर लिया। इस दौरान दो लोगों को बंधक बनाए जाने की सूचना मिली। बाद में एक व्यक्ति को छोड़ दिया गया, जबकि एक सेवादार को अपने कब्जे में रखा गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। हालात बिगड़ते देख सेना से सहायता मांगी गई, जिसके बाद ITBP को मौके पर तैनात किया गया। ITBP के पहुंचने के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया, हालांकि क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगरासू क्षेत्र में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं। वहीं पुलिस, PAC और ITBP के जवानों की भारी तैनाती की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
शनिवार सुबह रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा भी निहंग सिंहों से बातचीत करने पहुंचे, लेकिन बातचीत सफल नहीं हो सकी। इसके बाद प्रशासन ने चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों के संवेदनशील इलाकों में धारा 163 लागू कर दी, जो 27 जून तक प्रभावी रहेगी।
वारिस पंजाब दे ने उठाई सिखों की सुरक्षा की मांग
उधर, पंजाब में ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के नेता मनप्रीत सिंह अयाली ने इस घटना पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि हेमकुंड साहिब यात्रा पर जा रहे निहंग सिंह जत्थेबंदियों के युवाओं के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय हैं।
अयाली ने कहा कि इस घटना ने सिख संगत की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है और उनकी प्राथमिकता पीड़ित युवाओं को न्याय दिलाना तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि मामले के शीघ्र और निष्पक्ष समाधान के लिए उनका एक प्रतिनिधिमंडल उत्तराखंड रवाना हुआ है, जो वहां की सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करेगा।
मुख्य बिंदु
नगरासू गुरुद्वारे को लेकर विवाद ने लिया गंभीर रूप।
पंजाब से पहुंचे निहंग सिंहों ने गुरुद्वारे पर कब्जा किया।
एक सेवादार को बंधक बनाए जाने का आरोप।
इलाके में इंटरनेट सेवाएं बंद।
पुलिस, PAC और ITBP की भारी तैनाती।
संवेदनशील क्षेत्रों में 27 जून तक धारा 163 लागू।
वारिस पंजाब दे ने सिखों की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की।
Nihang-sikhs-from-punjab-have-taken-over-a-gurudwara-in-uttarakhand-and-held-a-caretaker-hostage