यशपाल शर्मा
लुधियाना। लुधियाना में जहां पहले नगर निगम को अवैध निर्माणों के मामले में सबसे आगे माना जाता था। लेकिन अब मौजूदा हालातों के मुताबिक ग्लाडा द्वारा अवैध इमारतें बनवाने के मामले में नगर निगम को भी पछाड़ दिया गया है। दरअसल, ग्लाडा के अधीन आते इलाकों में एक के बाद एक दर्जनों अवैध निर्माण करवाए जा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार अधिकारियों की मिलीभगत के बाद ही यह सब कार्य हो रहे हैं। दरअसल, अयाली कलां में स्थित महल अस्पताल रोड और हंबड़ा रोड पर दर्जनों की गिनती में अवैध निर्माण किए जा रहे हैं। कई बिल्डिंग मालिक तो इतने शातिर है कि उन्होंने इमारतों के बाहर लिखकर लगाया कि रिहायशी बिल्डिंग बन रही है, जबकि अंदर कमर्शियल निर्माण जारी है। चर्चा है कि मालिकों द्वारा अधिकारियों के साथ मिलकर प्रशासन को गच्चा देने के लिए इस तरह के काम किए जा रहे हैं। बता दें कि पहले तो ग्लाडा अधिकारियों द्वारा मोटी रिश्वत लेकर अवैध निर्माण करवा दिए गए। जब यह मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा तो अधिकारियों ने 50 बिल्डिंग मालिकों को नोटिस जारी कर दिए। लेकिन नोटिसों का भी कोई असर नहीं हुआ और निर्माण पहले की तरह जारी है। दरअसल, निगम द्वारा शहर में अवैध निर्माण कराने के चलते अब लोग शहर के बाहरी हिस्से में शिफ्ट होने लग गए हैं। उक्त बाहरी हिस्सा ग्लाडा के अधीन आता है। जिसके चलते वहां जमकर हेरफेर किया जा रहा है।
नीचे सत्र के अधिकारी कर रहे खेल
वहीं चर्चा है कि ग्लाडा के उच्च अधिकारी फिल्ड में उतरने की जगह अपने ऑफिसों में बैठकर काम करते रहते हैं। जिसका फायदा नीचे सत्र के अधिकारी जमकर उठा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार इन अवैध निर्माणों के बारे में उच्च अधिकारियों को तो पता भी नहीं है। जबकि नीचे सत्र के अधिकारी ही गेम करने में लगे हुए हैं। वहीं जब भी उच्च अधिकारियों से पूछा जाए तो वह स्टॉफ न होने की बात कहकर टाल देते हैं। लेकिन असलियत में पहले स्टॉफ की कमी है और जो स्टॉफ है, वह रिश्वत लेने में व्यस्त है।
कई इमारत मालिकों ने झूठ बोल लगाए बोर्ड
वहीं कई बिल्डिंग मालिक तो इतने शातिर है कि उनकी और से बिल्डिंग का कमर्शियल निर्माण किया जा रहा है और बाहर बोर्ड रिहायशी इमारत बनने का लगा रखा है। लेकिन बिल्डिंग का फ्रंट हिस्सा मात्र 50 फीट है। जबकि उसका निर्माण भी कमर्शियल की तरह किया जा रहा है। हर व्यक्ति उक्त इमारत को देखकर साफ बता देगा कि यह कमर्शियल है या रिहायशी। चर्चा है कि बिल्डिंग मालिकों द्वारा ग्लाडा अधिकारियों के साथ मिलकर यह बोर्ड का खेल किया जा रहा है।