पंजाब। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए देश भर के शिवभक्तों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। हालात ये हैं कि पहले 3 दिनों में ही 2 लाख से अधिक शिव भक्त यात्रा के लिए पंजीकरण करवा चुके हैं। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पंजीकरण तेजी से जारी है। श्रद्धालुओं में पहले जत्थे में जाकर भोले बाबा के दर्शन करने की होड़ मची है। वहीं, प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं। स्वास्थ्य जांच, सुरक्षा व्यवस्था, आवास और परिवहन सहित सभी जरूरी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि यात्रा सुचारू रूप से संपन्न हो सके। बताया जा रहा है कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार शुरुआती दिनों में ही पंजीकरण की रफ्तार काफी तेज है, जिससे यात्रा के दौरान रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हर शहरों से पंजीकरण के लिए शिवभक्तों की कतारों की तस्वीरें सामने आ रही हैं।
ई-केवाईसी पूरा करें, आरएफआईडी कार्ड प्राप्त करें
श्राइन बोर्ड के अनुसार, समूह पंजीकरण के बाद यात्रियों को निर्धारित केंद्रों पर बायोमेट्रिक ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी कर रेडियो फ्रीक्वेंस आईडेंटीफिकेशन (आरएफआईडी) कार्ड प्राप्त करना होगा। बिना वैध आरएफआईडी कार्ड के डोमेल-बालटाल या चंदनवाड़ी के प्रवेश द्वार से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे सभी आवश्यक दस्तावेजो और दिशानिर्देशों का पालन करते हुए समय रहते आवेदन करें ताकि यात्रा में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
पंजीकरण के लिए अहम जानकारी निर्दिष्ट बैंक शाखाओं के माध्यम से श्री अमरनाथ यात्रा 2026 के लिए पंजीकरण की स्टेप बाइ स्टेप प्रक्रिया पंजीकरण की शुरुआत: श्रद्धालुओं (यात्रियों) का पंजीकरण 15 अप्रैल 2026 से सभी निर्दिष्ट बैंक शाखाओं के माध्यम से शुरू होगा।
पहले आओ-पहले पाओ: यात्रा परमिट का पंजीकरण और वितरण 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर किया जाएगा।
निर्धारित कोटा: प्रत्येक बैंक शाखा को प्रतिदिन और प्रति मार्ग के लिए यात्रियों को पंजीकृत करने का एक निश्चित कोटा आवंटित किया गया है। बैंक शाखा यह सुनिश्चित करेगी कि पंजीकरण इस कोटे से अधिक न हो। आयु और स्वास्थ्य सीमा: 13 वर्ष से कम या 70 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी यात्री और छह सप्ताह से अधिक की गर्भवती महिला का पंजीकरण नहीं किया जाएगा, भले ही उनके पास अधिकृत डॉक्टर द्वारा जारी अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र क्यों न हो।
eKYC सत्यापन: यात्रा 2026 के लिए अग्रिम पंजीकरण वास्तविक समय (रियल टाइम) के आधार पर आधार-आधारित बायोमेट्रिक eKYC प्रमाणीकरण के बाद किया जाएगा। यात्रा परमिट एनआईसी (NIC) पोर्टल के माध्यम से सिस्टम द्वारा जनरेट किया जाएगा।
तकनीकी खराबी का विकल्प: यदि आधार-आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन में कोई तकनीकी समस्या आती है, तो वेबकैम-आधारित फोटो और मैनुअल डेटा एंट्री की सुविधा उपलब्ध होगी। यह सुविधा केवल आधार सत्यापन विफल होने पर ही मिलेगी।
डेटा संग्रह: पंजीकरण के दौरान आवेदक का सही मोबाइल नंबर और आधार नंबर दर्ज किया जाएगा।
परमिट की पहचान: eKYC प्रमाणीकरण के बाद जारी किए गए यात्रा परमिट पर "eKYC" अंकित होगा।
पंजीकरण की समय सीमा: बैंक यात्रा की तारीख से 07 दिन पहले उस दिन के लिए पंजीकरण बंद कर देंगे। उदाहरण के लिए, 3 जुलाई की यात्रा के लिए पंजीकरण 26 जून को बंद हो जाएगा।
स्वास्थ्य प्रमाण पत्र : प्रत्येक यात्री को एक वैध अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (CHC) जमा करना होगा। इसका प्रारूप और अधिकृत डॉक्टरों की सूची श्राइन बोर्ड (SASB) की वेबसाइट (https://jksasb.nic.in) पर उपलब्ध है।
आवश्यक दस्तावेज: अग्रिम पंजीकरण के लिए आवेदक को बैंक में निम्नलिखित दस्तावेज जमा करने होंगे। निर्धारित प्रारूप पर 8 अप्रैल 2026 या उसके बाद अधिकृत डॉक्टर द्वारा जारी किया गया वैध अनिवार्य स्वास्थ्य प्रमाण पत्र । बैंक में जमा किए गए आवश्यक शुल्क की रसीद। बैंक द्वारा सत्यापन: बैंक शाखा यह जांच करेगी कि क्या CHC अधिकृत डॉक्टर द्वारा जारी किया गया है और क्या यह 8 अप्रैल 2026 या उसके बाद जारी हुआ है।
पंजीकरण शुल्क: यदि CHC सही पाया जाता है, तो बैंक प्रति यात्री 150/- रुपये के भुगतान पर यात्रा परमिट जारी करेगा।
मार्ग का चयन: बैंक सिस्टम द्वारा जनरेट किया गया परमिट जारी करेगा जिस पर बालटाल मार्ग के लिए "BALTAL" और पहलगाम मार्ग के लिए "PAHALGAM" अंकित होगा।
हस्ताक्षर और मुहर: बैंक का अधिकृत अधिकारी सिस्टम जनरेटेड परमिट पर हस्ताक्षर करेगा और बैंक की आधिकारिक मुहर लगाएगा।
यात्रा की तिथि: परमिट पर छपी तारीख वह तारीख होगी जिस दिन यात्री को डोमेल (बालटाल मार्ग) या चंदनवाड़ी (पहलगाम मार्ग) के प्रवेश द्वार को पार करने की अनुमति दी जाएगी।
स्टाफ का प्रशिक्षण: पंजीकरण शुरू होने से पहले बैंक अपने कर्मचारियों को पंजीकरण प्रक्रिया के बारे में पूरी तरह प्रशिक्षित और जागरूक करेंगे।
सहायता केंद्र: बैंक अपनी शाखाओं में यात्रियों की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में 'हेल्प डेस्क' बनाना सुनिश्चित करेंगे।
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Yashpal Sharma (Editor)