लुधियाना। वृंदावन में 10 अप्रैल को हुए नाव हादसे ने जगराओं के बहल परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। एक ही परिवार के चार सदस्यों की असमय मौत ने पूरे शहर को गहरे सदमे में डाल दिया है। चारों दिवंगत आत्माओं की रस्म पगड़ी व अंतिम अरदास 19 अप्रैल को दोपहर 12 से 1 बजे तक गीता भवन, नजदीक सुभाष गेट, जगराओं में हुआ। वहीं हादसे में जान गवाने वाले ईशान कटारिया का भी आज भोग डाला गया। उसकी अंतिम अरदास गुरुद्वारा दशमेश नगर कच्चा मलक रोड पर हुई। हादसे में जान गंवाने वालों में एक ही परिवार के चार लोगों की पहचान कविता बहल, मधुर बहल, चरणजीत बहल (चाचा) और चंदन बहल उर्फ पिंकी के रूप में हुई थी। परिवार ने चारों का अंतिम संस्कार भी एक साथ किया था। उस समय का दृश्य इतना दर्दनाक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। विशेष रूप से कांग्रेस के प्रदेश प्रधान और सांसद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग भी परिवार से संवेदना व्यक्त करने पहुंचे।
9 अप्रैल को गया था वृंदावन जत्था
जानकारी के अनुसार, 9 अप्रैल की रात जगराओं से श्रद्धालुओं का एक जत्था दो बसों में सवार होकर भगवान श्रीकृष्ण की नगरी वृंदावन के लिए रवाना हुआ था। किसी को भी अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा कुछ परिवारों के लिए आखिरी यात्रा बन जाएगी। 10 अप्रैल को वृंदावन पहुंचने के बाद कई श्रद्धालु धर्मशाला में ठहर गए, जबकि बाकी मंदिरों के दर्शन के लिए निकल पड़े। मंदिरों में दर्शन के बाद कुछ श्रद्धालु नाव में बैठकर यमुना नदी में “राधे-राधे” का जाप कर रहे थे, तभी अचानक नाव हादसे का शिकार हो गई। कुछ ही पलों में खुशियों से भरी यह यात्रा चीख-पुकार और मातम में बदल गई। मृतकों में कविता बहल, मधुर बहल, चरणजीत बहल, चंदन बहल उर्फ पिंकी, राकेश गुलाटी, आशा रानी, अंजू गुलाटी, ईशान कटारिया, मीनू बंसल, सपना हंस, ऋषभ शर्मा, यश भल्ला, मानिक टंडन, डिंकी, मोनिका, पंकज मल्होत्रा शामिल हैं।
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Yashpal Sharma (Editor)