एक दिन पहले सीलिंग, फिर आज सेटिंग के बाद सरकारी फीस जमा करवाए बिना खोल डाली सीलें
Sep2,2026
| Yashpal Sharma | Ludhiana
लुधियाना | यशपाल शर्मा | 2 सितंबर
भले ही नगर निगम कमिश्नर ओजस्वी अलंकार की ओर से इल्लीगल बिल्डिंगों पर सख्त एक्शन लेने की हिदायतें निगम की बिल्डिंग ब्रांच के अफसरों को दी गई हैं। लेकिन यहां सेटिंग का खेल पूरी तरह से हावी होता दिखाई दे रहा है। आलम ये है कि सीलिंग के एक दिन बाद ही कभी राजनेताओं की रिश्रेदारी तो कभी सेटिंग के खेल में सीलें खुलते चली जा रही हैं। ऐसा मामला बीते सोमवार को काराबारा रोड़ पर पैट्रोल पंप के नजदीक एटीपी कपिल देव की ओर से सील की गई छह नाजायज दुकानों को सीलें खोल दी गई। बड़ी बात है कि अभी तक इनका एक भी रुपए निगम के खजाने में नहीं आया, लेकिन राजनीतिक दबाव व अफसरों की सेटिंग में इनकी सील आज खुल गई। ऐसे में नगर निगम कमिश्नर सहित पूरी बिल्डिंग ब्रांच सवालों के घेरे में आती दिखाई दे रही है। ये सवाल इसलिए भी खड़ा हो रहा है क्यों कि ये दुकानें इंडस्ट्रियल स्कीम एरिया में बनाई गई हैं और इसकी सरकारी फीस लाखों में बनती है। बताया जाता है कि इन दुकानों की सील खोलने से पहले बिल्डिंग इंस्पेकटर लक्की व कुछ नेता टाइप लोगों की ओर से पूरा ताना बाना भी तैयार कर लिया है। जिसके सहारे ही दुकान मालिक से उक्त दुकानों की सरकारी फीस जमा करवाने के नाम पर आज इनकी सील खुलवा डाली गई।
शिकायत के बाद लिया गया था एक्शन
कारबारा रोड पर पेट्रोल पंप के पास करीब तीन महीने से छह दुकानों का कथित तौर पर बिना नक्शा पास करवाए और सरकारी फीस जमा किए बिना ये अवैध निर्माण चलता रहा। निर्माण पूरा होने के बाद दुकानों पर शटर तक लगा दिए गए, लेकिन निगम की कार्रवाई उस समय हुई जब मामले की शिकायत आला अधिकारियों तक पहुंची। लेकिन सवाल ये भी खडे़ हो रहे थे कि इन दुकानों को बनाने में करीब चार महीने लगे, लेकिन तक किसके इशारे पर ये इस अवैध निर्माण को हरी झंडी दी गई थी।
तीन महीने तक क्यों नहीं हुई कार्रवाई?
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि निर्माण अवैध था और इसकी जानकारी बिल्डिंग ब्रांच को थी, तो करीब तीन महीने तक निर्माण कैसे चलता रहा? स्थानीय स्तर पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि एटीपी, बिल्डिंग इंस्पेक्टर और संबंधित सेवादारों की कथित मिलीभगत या अनदेखी के चलते निर्माण लगातार आगे बढ़ता रहा।
आरोप यह भी हैं कि जब दुकानें तैयार हो गईं और उनमें शटर तक लग गए, तब तक निगम की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। शिकायत आला अधिकारियों तक पहुंचने के बाद अचानक कार्रवाई करते हुए सभी छह दुकानों को सील कर दिया गया।
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एटीपी कपिल देव से सीधी बात
सवाल- आपने बीते सोमवार को काराबारा रोड़ पर छह दुकानें सील की थी, उनकी सील कैसे खुली
जबाव- ये दुकानें रिकवरी करने को लेकर ये सील की गई थी।
सवाल- फिर आज एक दिन बाद इन दुकानों की सील कैसे खुल गई
जबाव- इन दुकानों की सील मुझ से पूछ कर नहीं खोली गई, बिल्डिंग इंस्पेक्टर ने किस रिपोर्ट के आधार पर ये खोली है, ये मैं देखकर बता पाऊंगा।
सवाल- इसका मतलब सील आपने की, मगर खोलते समय आपसे पूछा नहीं गया
जबाव- इस सवाल पर एटीपी कपिल देव चुप्पी साध गए और इसका जबाव नहीं दिया।
The-Premises-Were-Sealed-A-Day-Earlier-And-Then-Following-Some-Fixing-Today-The-Seals-Were-Removed-Without-The-Government-Fees-Being-Deposited