यशपाल शर्मा, लुधियाना
भले ही पंजाब सरकार की ओर से इल्लीगल कालोनियों में अवैध निर्माण रोकने को एनओसी अनिवार्य कर रखी है, तो वहीं दूसरी ओर से सरकारी अफसर ही पंजाब सरकार की प्लानिंग पर पानी फेरते नजर आ रहे हैं। ऐसा ही मामला दुगरी अर्बन इस्टेट गुरु अंगद देव नगर के नजदीक अवैध कालोनी में सामने आया है। जहां पर करीब 400 गज जमीन पर धड़ल्ले से इल्लीगल निर्माण जारी है। बिल्डिंग मालिक ने न तो इस कंस्ट्रक्शन से पहले ग्लाड़ा से नो आब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) लिया और न ही इस निर्माण का कोई नक्शा ही पास करवाया। उक्त निर्माण को लेकर शिकायतकर्ता की ओर से ग्लाड़ा अधिकारियों से संपर्क भी किया, लेकिन इसके बावजूद मौके पर ये निर्माण जारी है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ये इल्लीगल निर्माण ग्लाड़ा के जेई स्तर के अफसर की मिलीभुगत से जारी है।
जेई की कारगुजारी पर उठ रहे सवाल
आपको बता दें कि इस इल्लीगल कालोनी में ये अवैध निर्माण पिछले करीब चार महीने से जारी है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ग्लाड़ा जेई की मिलीभुगत से ही ये अवैध निर्माण बिना एनओसी व नक्शा पास करवाए जारी है। आपको बता दें ऐसे अवैध निर्माणों के जरिए ही सरकारी अफसर सरकारी खजाने को चूना लगाते हैं और वहीं अपनी जेंबे गर्म करते हैं। शिकायतकर्ता ने इस मामले में जेई के खिलाफ आधिकारिक जांच करवाने की मांग की है।
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आला अफसरों ने दिया जांच का आश्वासन
इस मामले में जब ग्लाड़ा के जेई रोहित कुमार से उनके मोबाइल नंबर 9541428933 से संपर्क किया गया तो उन्होंने मोबाइल तक पिक करने की जहमत नहीं उठाई और न ही व्हटसएप पर भेजे गए किसी मैसेज का रिप्लाई दिया। हालांकि इसके बाद ग्लाड़ा के एडिश्नल चीफ एडमिनस्ट्रेटर (एसीए) से मैसेज टॉक की गई तो उन्होंने इस संबंधी दूसरे एडिश्नल चीफ एडमिनस्ट्रेटर (एसीए) विकास हीरा से संपर्क करने को कहा। जिसके बाद विकास हीरा को इल्लीगल कंस्ट्रक्शन की फोटो व लोकेशन सैंड की गई तो उन्होंने कहा कि वे इस कंस्ट्रक्शन को चैक करवाएंगे और बनती विभागीय कार्रवाई भी करेंगे।
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Yashpal Sharma (Editor)