यशपाल शर्मा
लुधियाना। लुधियाना में गेमिंग ऐप के जरिए करोड़ों रुपए का हेरफेर करने के मामले में ईडी द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में एक दिन पहले ही धागा कारोबारी हीरा सचदेवा के बैंक खातों को सीज किया गया है। वहीं अब हीरा सचदेवा के करीबी और उनके साथ बिजनेस करने वाले कई लोग भी ईडी की रडार पर है। सूत्रों के अनुसार ईडी को पता चला है कि शहर के ही कई लोग हीरा सचदेवा के साथ गेमिंग ऐप के धंधे में शामिल थे। जिनका एजेंसी सुराग लगा रही है। वहीं दूसरी तरफ शहरवासियों द्वारा लुधियाना के सैकड़ों लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले ट्रेडिंग एक्सपर्ट अनील जैन और ट्रैवल एजेंट नीतीश घई पर भी शिकंजा करने की मांग की गई है। लोगों का कहना है कि ईडी को इन दोनों मामलों में भी सुनवाई करनी चाहिए। जिससे कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। उनका कहना है कि गेमिंग ऐप के जरिए कोई ठगी मारता है, तो कई ट्रेडिंग कराने के नाम पर इन्वेस्टमेंट करवाकर तो कोई विदेश भेजने के नाम पर। लेकिन इन सभी पर ईडी को शिकंजा कसना जरुरी है।
पैसे दोगुने का लालच देकर इन्वेस्ट कराया पैसा
साइबर सैल लुधियाना द्वारा तीन साल पहले फिरोजगांधी मार्केट से हैबोवाल की बावा कॉलोनी के अनिल जैन, सनी कुमार और अहमदगढ़ के करमजीत कौर को गिरफ्तार किया था। जिन पर वी-ट्रेड एप के जरिए लोगों को ट्रेडिंग का लालच देकर करोड़ों रुपए इन्वेस्ट करवा ठगी करने के आरोप है। चर्चा है कि यह लोग कुछ समय में ही करोड़पति बन गए। लग्जरी कारें और जमीनें ली। जिसमें ओरिएंट सिनेमा मार्केट के पास करीब 3.50 करोड़ रुपये का एक एससीओ, धांदरा रोड पर लगभग 90 लाख रुपये की तीन प्रॉपर्टी, कोहारा में 25 लाख रुपये का एक प्लॉट और 50 लाख रुपये का एक घर शामिल है। वहीं पक्खोवाल रोड पर आलीशान कोठी बनाई। शहर में चर्चा है कि इन्होंने लोगों को भारी मात्रा में चूना लगाया। लेकिन लुधियाना पुलिस इनसे ज्यादा बड़ी बरामदगी नहीं कर सकी। हालांकि कहा जा रहा है कि अनील जैन ने दोबारा फिरोजगांधी मार्केट में ट्रेडिंग का कारोबार शुरु कर दिया है। जिसके चलते लोगों की ईडी से मांग है कि मामले की उच्च सत्रीय जांच होनी चाहिए।
ट्रैवल एजेंट पर ईडी दर्ज करवा चुकी मामला
विदेश भेजने के नाम पर करोड़ों की ठगी मारने वाले हैबोवाल के ट्रैवल एजेंट नीतीश घई पर पहले 100 से अधिक मामले दर्ज हुए थे। लुधियाना पुलिस ने एक के बाद एक 100 से अधिक पर्चे दर्ज किए। जिसके बाद अक्टूबर 2024 में ईडी ने खुद उसके खिलाफ आम जनता और सरकार खिलाफ करोड़ों की ठगी करने के आरोप में थाना डिवीजन नंबर पांच में एफआईआर दर्ज करवाई। फिर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच शुरु करने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की। लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी और ईडी की कार्रवाई भी पूरी नहीं हो सकी। चर्चा है कि नीतीश घई की अफसरों के साथ अच्छी सेटिंग है। जिसके चलते उसे कोई आसानी से हाथ नहीं डाल पाता।
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Yashpal Sharma (Editor)