चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस के दिग्गज नेता और कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार में वित्त मंत्री रहे लाल सिंह का शनिवार मोहाली के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया। वे लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। लाल सिंह पंजाब राजनीति के अनुभवी चेहरे थे। उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में वित्त मंत्री के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा वे पंजाब मंडी बोर्ड के अध्यक्ष भी रह चुके थे। उनके निधन की खबर सुनकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई। कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। लाल सिंह पंजाब की राजनीति में सादगी और ईमानदारी के प्रतीक माने जाते थे। कांग्रेस नेता लाल सिंह के निधन पर यूनियन मिनिस्टर रवनीत सिंह बिट्टू, शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल और कांग्रेस नेता प्रगट सिंह सहित कई अन्य नेताओं ने शोक प्रकट किया है। रवनीत सिंह बिट्टू ने लिखा है कि लाल सिंह जी के निधन पर में गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। वह एक अनुभवी राजनेता और मेरे दादाजी के करीबी थे। पंजाब की प्रगति और शांति में उनके योगदान को सदैव याद रखा जाएगा। वाहेगुरु उनके परिवार को इस अपार क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
डकाला से पांच बार विधायक रहे
लाल सिंह पहली बार 1977 में डकाला से कांग्रेस की टिकट पर पंजाब विधानसभा के सदस्य बने थे। तब से उन्होंने 2012 तक 5 बार डकाला का प्रतिनिधित्व किया, जब डकाला ने सीमा परिसीमन किया गया तो 1985 और 1997 के चुनावों में वह शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार प्रेम सिंह चंदूमाजरा और हरमेल सिंह से हार गए थे। 2012 के चुनावों में लाल सिंह ने सनौर से चुनाव लड़ा और जीतकर मंत्री बने। लाल सिंह 2012 में 3907 वोटो से जीते थे। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के तेजेंद्र पाल सिंह को हराया था। उन्हें कुल 71029 वोट प्राप्त हुए थे, जबकि तेजेंद्र पाल सिंह को 67122 वोट मिले थे। उनकी तरफ से दिए गए एफिडेविट के अनुसार उन पर कोई भी क्रिमिनल केस नहीं था।
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Yashpal Sharma (Editor)