पंजाब। चंडीगढ़ में जिम के बाहर 18 मार्च को दिनदहाड़े मारे गए मोहाली में कुब्बाहेड़ी के रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर चमनप्रीत सिंह उर्फ चिन्नी कुब्बाहेड़ी के शूटरों को पंजाब पुलिस ने हरियाणा में पकड़ लिया। आरोपियों की पहचान फिरोजपुर के रहने वाले राजन उर्फ पीयूष पहलवान और नवांशहर निवासी प्रीतम शाह के रूप में हुई है। कैथल में एनकाउंटर के दौरान ये दोनों घायल हो गए। इन्हें अब इलाज के लिए चंडीगढ़ PGI लाया गया है। यहां उनका ऑपरेशन कराया जाएगा। दोनों के पैरों में गोलियां लगी हैं। पुलिस सूत्रों से पता चला है कि चमनप्रीत को मारने के लिए गैंगस्टर गौरव पटियाल ने राजन को हायर किया था। 15 जनवरी को वह विशेष रूप से मलेशिया से भारत आया। वह ZING एप से पटियाल के संपर्क में थे। चिन्नी के रेगुलर जिम आने का भी उनको पता था। इस दौरान उसने चंडीगढ़, कैथल (हरियाणा) और मोहाली में रहकर रेकी की। हत्या को अंजाम देने के बाद वह कैथल में ही जाकर छिपा था, जहां उसका एनकाउंटर हुआ। इधर, मृतक चमनप्रीत सिंह का अभी तक पोस्टमार्टम नहीं हुआ। इस बारे में आज परिवार फैसला लेगा। 2 दिन बीत जाने के बाद भी मृतक की मां को इस बारे में नहीं बताया गया, क्योंकि वह बीमार रहती हैं। ऐसे में घरवाले किसी तरह का कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। अभी तक परिवार वालों ने पोस्टमार्टम के लिए हामी नहीं भरी है। गांव वाले और मृतक के परिवारिक मेंबर उसके न्यू चंडीगढ़ स्थिति दफ्तर में जुटे हैं। जहां पर बैठकर वह रणनीति बना रहे हैं। माना जा रहा है कि थोड़ी देर में वह सेक्टर-3 में पुलिस अधिकारियों से मीटिंग करेंगे।
हत्या करने के लिए मलेशिया से भारत आया
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हत्या की साजिश गैंगस्टर गौरव पटियाल ने रची। 15 जनवरी में सारा प्लान तैयार हो गया था। इसके लिए उसका करीबी राजन उर्फ पीयूष पहलवान विशेष रूप से मलेशिया से आया था। वह नेपाल के रास्ते पंजाब पहुंचा। इसके बाद वह अपने ऑपरेशन को अंजाम देने में जुट गया। इस दौरान उसने हरियाणा, मोहाली और चंडीगढ़ में स्टे किया। पुलिस सूत्र बताते हैं कि मौके पर हथियार धोखा न दे, इसके लिए विशेष तौर पर सरहद पार से हथियार मंगवाए गए थे। बाकायदा इन्हें चलाने की प्रैक्टिस तक की गई। इसके बाद लगातार 5 दिन तक चमनप्रीत का पीछा किया। इसकी भनक चमनप्रीत को थी। ऐसे में वह बचने की पूरी कोशिश कर रहा था। उसने जिम भी ऐसी जगह पर चुना जहां चंडीगढ़ पुलिस का मुख्यालय से लेकर सारे सरकारी दफ्तर हैं। इसके बाद भी चंडीगढ़ के अटावा में रुके शूटर उसे मारकर भाग गए।
चंडीगढ़ से हरियाणा तक सारा रूट पता था
आरोपियों को ट्राइसिटी के सारे रूट पता थे। उन्हें यह भी पता था कि किन इलाकों में पुलिस नहीं होती और कहां पुलिस होने के बावजूद नाकों पर चेकिंग नहीं होती। ऐसे में वे हत्या के बाद बाइक पर हेलमेट पहने सीधे फेज-8 और 9 के पीछे से निकलते हुए किसान भवन पहुंचे। उसी रोड से आगे मोहाली में प्रवेश कर गए। मोहाली से कैमरों वाले रोड पार कर उन्होंने बाइक छोड़ दी।पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी कुछ देर मोहाली एरिया में रुके। उन्होंने गौरव पटियाल से संपर्क किया। इसके बाद वे हरियाणा के लिए निकल गए। आगे उन्होंने किसी वाहन से लिफ्ट ली, जिससे पुलिस को ट्रेस करने में थोड़ी मुश्किल हुई। हालांकि, इस दौरान पुलिस ने टेक्निकल सपोर्ट के सहारे उनका पीछा जारी रखा। करीब 130 किलोमीटर तक पीछा किया गया। इसके बाद आरोपी कैथल में लोकेट हुए।
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Yashpal Sharma (Editor)