यशपाल शर्मा, लुधियाना
पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा ने गुरुवार को राज्य सरकार की पंजाब के सभी केंद्र बिंदुओं और औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे के रखरखाव की निगरानी के लिए एक स्वतंत्र प्राधिकरण स्थापित करने की योजना की घोषणा की। इस प्राधिकरण का उद्देश्य औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए सीवरेज, सड़कें, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान करना है। इसके साथ साथ अरोड़ा ने कारोबारियों को जोर देते कहा कि वे अपने प्लाट को लीज से फ्री होल्ड़ में कंवर्ट करवाएं, तांकि वे आगे चल कर अपने प्लॉट या इंडस्ट्री को अपने स्तर पर बेचने व ट्रांसफर कर सकें।
गुरुवार को लुधियाना में 'उभरता पंजाब - सुझावों से समाधान तक' कार्यक्रम में बोलते हुए, अरोड़ा ने बताया कि वैश्विक परामर्श फर्म अर्न्स्ट एंड यंग इस प्राधिकरण के लिए एक रूपरेखा विकसित कर रही है, जिसके जल्द ही लागू होने की उम्मीद है। इस कार्यक्रम में लुधियाना, मोगा, संगरूर और फतेहगढ़ साहिब के उद्योगपतियों ने भाग लिया, जिन्होंने सरकारी नीतियों को आकार देने के लिए बहुमूल्य सुझाव दिए।
अरोड़ा ने ज़ोर देकर कहा कि पंजाब ने पिछले साढ़े तीन वर्षों में व्यापार सुगमता के तहत 1.14 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया है, जिससे 4.5 लाख लोगों को रोज़गार मिला है। प्रमुख सुधारों में औद्योगिक भूखंडों की क्लबिंग और डी-क्लबिंग की नीतियाँ शामिल हैं, जिससे उद्यमियों को भूमि उपयोग का अनुकूलन करने में मदद मिलेगी और लीज़होल्ड भूखंडों या शेडों को फ्रीहोल्ड में परिवर्तित किया जा सकेगा। सरकार अधिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए फोकल पॉइंट्स में खाली पड़े भूखंडों की नियमित नीलामी भी करेगी।
मंत्री ने घोषणा की कि 13 मार्च, 2026 से आईएसबी मोहाली में तीन दिवसीय पंजाब निवेश शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। यह शिखर सम्मेलन राज्य में निवेश को बढ़ावा देने के लिए उद्योगपतियों, व्यापारियों, अनिवासी भारतीयों और विदेशी कंपनियों को एक साथ लाएगा। अरोड़ा ने ज़ोर देकर कहा कि 'राइजिंग पंजाब' पहल उद्योगपतियों की चिंताओं का तुरंत समाधान करने के लिए बनाई गई है, और उनकी प्रतिक्रिया के आधार पर नीतियाँ तैयार की जा रही हैं। उन्होंने उद्योग विभाग के अधिकारियों को उद्योगपतियों को सरकारी योजनाओं के बारे में सक्रिय रूप से सूचित करने का भी निर्देश दिया ताकि उन्हें अधिकतम लाभ मिल सके।
उद्योग निदेशक सुरभि मलिक ने वन-टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजनाओं, आवेदन प्रक्रियाओं और प्लॉट बहाली की शर्तों सहित प्रमुख पहलों पर विस्तार से बताया। उन्होंने क्लबिंग, डी-क्लबिंग, लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में रूपांतरण और विखंडन/उपविभाजन की नीतियों के साथ-साथ उनकी संबंधित शुल्क संरचनाओं पर भी चर्चा की।
उपायुक्त हिमांशु जैन ने उद्योगपतियों को सहयोग देने के लिए जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई और उन्हें किसी भी समस्या के लिए सीधे उनसे संपर्क करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस कार्यक्रम में हुई चर्चाओं से पंजाब के औद्योगिक क्षेत्र, विशेष रूप से लुधियाना के औद्योगिक क्षेत्र को लाभ होगा।
इन्वेस्ट पंजाब के अतिरिक्त सीईओ राहुल चाबा ने हाल के सुधारों पर प्रकाश डाला और फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल, जो उद्योगपतियों के लिए प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए डिज़ाइन किया गया एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है, का परिचय दिया।
इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख व्यक्तियों में विधायक कुलवंत सिद्धू, मदन लाल बग्गा, अशोक पाराशर पप्पी और दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल, वरिष्ठ नेता डॉ. के.एन.एस. कंग, पंजाब विकास आयोग के सदस्य वैभव माहेश्वरी, गंगा एक्रोवूल्स के संचालक अमित थापर और कई प्रसिद्ध उद्योगपति शामिल थे।
Punjab-To-Set-Up-Independent-Authority-For-Maintenance-Of-Industrial-Infrastructure
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Yashpal Sharma (Editor)