पंजाब। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जागत ज्योत सुरक्षा एक्ट 2026 से जुड़ी आपत्तिजनक धाराओं को लेकर सिख समुदाय में गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है। बेअदबी कानून के संदर्भ में श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा सोमवार 15 जून को एक आपातकालीन बैठक बुलाई गई है, जिसे अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह बैठक सुबह 11 बजे श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में आयोजित की जाएगी। बैठक में सिख पंथ की विभिन्न प्रमुख जत्थेबंदियों, निहंग सिंह संगठनों, कार सेवा संप्रदायों, टकसालों, विभिन्न फेडरेशनों, विद्वानों तथा कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। माना जा रहा है कि इस बैठक में व्यापक स्तर पर विचार-विमर्श किया जाएगा और पंथ से जुड़े सभी पक्ष अपनी राय प्रस्तुत करेंगे।
प्रस्तावित एक्ट की विवादित धाराओं पर मुख्य चर्चा का उद्देश्य
सूत्रों के अनुसार, बैठक का मुख्य उद्देश्य इस प्रस्तावित एक्ट की उन धाराओं पर चर्चा करना है जिन्हें सिख धार्मिक और परंपरागत अधिकारों के लिए आपत्तिजनक माना जा रहा है। इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि इस कानून का प्रभाव गुरुद्वारा प्रबंधन, धार्मिक स्वतंत्रता और सिख मर्यादाओं पर किस प्रकार पड़ सकता है। इस महत्वपूर्ण बैठक की मीडिया कवरेज की अनुमति नहीं दी गई है, जिससे यह स्पष्ट है कि विचार-विमर्श आंतरिक और गंभीर स्वरूप का होगा। हालांकि, बैठक समाप्त होने के बाद श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस किए जाने की संभावना है, जिसमें बैठक के निर्णयों की जानकारी दी जा सकती है।
बलवंत सिंह राजोआणा की रिहाई पर भी चर्चा संभव
बैठक में बलवंत सिंह राजोआणा और अन्य बंदी सिंहों की रिहाई के मुद्दे पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। सिख संगठनों द्वारा लंबे समय से इन मामलों को उठाया जाता रहा है। कुल मिलाकर, यह बैठक सिख पंथ के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसमें धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से कई अहम निर्णय सामने आ सकते हैं।
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Yashpal Sharma (Editor)