नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके शुक्रवार को सोशल मीडिया पेज बनाने के 7 दिन बाद पहली ऑनलाइन आए। उन्होंने NEET पेपर लीक मामले में शिक्षामंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। दीपके ने X पर वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने कहा- आज हम एक पिटीशन शुरू करने जा रहे हैं। जिसमें शिक्षामंत्री के इस्तीफे की मांग की है। आप सब लोग ज्यादा से ज्यादा इस पिटीशन पर साइन कीजिए, ताकि सिस्टम की गलती पर सवाल उठ सके। अभिजीत ने कॉकरोच जनता पार्टी CJI सूर्यकांत की टिप्पणी के विरोध में बनाई है। CJI ने 15 मई को सुनवाई के दौरान कुछ बेरोजगारों को कॉकरोच कहा था। उधर 'कॉकरोच जनता पार्टी' पेज के इंस्टाग्राम पर अचानक लोकप्रिय होने से उसके फाउंडर अभिजीत दीपके के माता-पिता बहुत ज्यादा परेशान हो गए हैं। उन्हें डर है कि उनका बेटा किसी मुसीबत में पड़ सकता है। उसे गिरफ्तार भी किया जा सकता है। अभिजीत के पेरेंट्स भगवान और अनीता दीपके महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में रहते हैं। दोनों ने गुरुवार को एक मराठी न्यूज चैनल को बताया- “हम अपने बेटे को राजनीति में नहीं भेजना चाहते थे। अभिजीत के इस कदम के बारे में सुनकर हमारी रातों की नींद उड़ गई है।”
CJP ने खुद को राजनीति पार्टी बताया
• CJP अपनी वेबसाइट पर खुद को उन लोगों की राजनीतिक पार्टी बताती है, जिन्हें व्यवस्था ने कभी गिनती में नहीं लिया। वेबसाइट पर लिखा है- पांच मांगें, कोई स्पॉन्सर नहीं, लेकिन बड़ा और जिद्दी झुंड।
• वेबसाइट में मैनिफेस्टो, विजन, एलिजिबिलिटी और कॉन्टैक्ट जैसे सेक्शन भी हैं। खुद को यह आलसी और बेरोजगारों की आवाज भी बताती है। इसका नारा है- ‘सेक्युलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक, लेजी।’ इसका लोगो भी बनाया गया था।
• कॉकरोच जनता पार्टी ने पार्टी जॉइन करने के लिए 4 जरूरी योग्यताएं रखी हैं- अनएम्प्लॉइड, लेजी, क्रॉनिकली ऑनलाइन, एबिलिटी टू रैंट प्रोफेशनली।
मैनिफेस्टो में 5 बड़े वादे
• अगर CJP सत्ता में आई, तो किसी भी रिटायर्ड चीफ जस्टिस को राज्यसभा भेजने जैसी “इनाम वाली राजनीति” खत्म कर दी जाएगी।
• किसी भी वैध वोट को डिलीट करने पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ UAPA के तहत कार्रवाई होगी। पार्टी का कहना है कि वोटिंग राइट छीनना लोकतंत्र पर हमला है।
• महिलाओं को सिर्फ 33% नहीं, बल्कि 50% आरक्षण दिया जाएगा। यह आरक्षण संसद से लेकर कैबिनेट तक लागू होगा और इसके लिए सांसदों की संख्या भी नहीं बढ़ाई जाएगी।
• अंबानी और अडाणी समूह से जुड़े सभी मीडिया संस्थानों के लाइसेंस रद्द करने की बात कही गई है, ताकि “स्वतंत्र मीडिया” को जगह मिल सके। साथ ही कथित ‘गोदी मीडिया’ एंकरों के बैंक अकाउंट्स की जांच कराने का भी वादा किया गया है।
• कोई विधायक या सांसद अगर दलबदल करता है, तो उस पर चुनाव लड़ने से रोक लगाने और अगले 20 साल तक किसी भी पब्लिक ऑफिस का पद न देने की बात कही गई है।
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Yashpal Sharma (Editor)