यशपाल शर्मा
लुधियाना। ग्लाडा पर पहले मिलीभगत करके अवैध निर्माण करवाने के आरोप लगते थे। लेकिन अब यह आरोप सच साबित होते हुए नजर आ रहे हैं। दरअसल, ग्लाडा की और से कुछ दिन पहले साउथ सिटी रोड पर 40 इललीगल इमारतों को नोटिस जारी किए गए थे। बिल्डिंग मालिकों को सात दिन में खुद ही इमारतें खाली करने को कहा गया था। अगर खाली न की गई तो ग्लाडा द्वारा उन पर पीला पंजा चलाया जाना था। लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि सात दिन बाद भी न तो मालिकों ने बिल्डिंग खाली की और न ही ग्लाडा ने उन पर एक्शन लिया। आज 19 दिन बीतने के बावजूद किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके चलते शहर में चर्चा है कि दरअसल, ग्लाडा अधिकारियों द्वारा बिल्डिंग मालिकों को यह नोटिस कार्रवाई के लिए नहीं बल्कि अपनी सेटिंग करने के लिए भेजे गए हैं। क्योंकि वह उनके साथ सेटिंग कर लें और कार्रवाई रोक दी जाएगी। इस दौरान बिल्डिंग मालिक कोर्ट जाकर अपना स्टे ले लें। ताकि इमारतें भी बच जाएंगी और ग्लाडा अधिकारियों की जेब भी भर जाएगी। चर्चा है कि इस पूरे खेल में कई राजनेता भी शामिल हैं। ग्लाडा अधिकारियों और कुछ राजनेताओं की यह स्कीम काफी हद तक काम भी कर गई। जिसके चलते कई बिल्डिंग मालिकों ने कोर्ट में जाकर स्टे ले लिया। जबकि बाकियों का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। जिसके चलते ग्लाडा अधिकारी इंतजार कर रहे हैं कि उन्हें भी स्टे मिल जाए और फिर वह प्रेस नोट जारी कर दें कि अब सभी को स्टे मिल गया है। जिसके चलते वह एक्शन नहीं ले सकते।
पहले भी सात इमारतों का इसी तरह अधिकारियों ने किया बचाव
वहीं बता दें कि साउथ सिटी रोड पर कुल 47 इमारतें इललीगल तरीके से अधिकारियों द्वारा बनवाई गई हैं। पहले तो इन इमारतों को बनवाने में रिश्वत ली गई। फिर बनवाने के बाद उनका बचाव करने को रिश्वत ली। दरअसल, कुछ महीने पहले भी ग्लाडा द्वारा इसी तरह कार्रवाई के लिए नोटिस निकाला गया था। लेकिन फिर एक्शन नहीं लिया और बिल्डिंग मालिकों को कोर्ट जाकर स्टे लेने का आइडिया दिया गया। जिसके चलते सात बिल्डिंग मालिकों ने स्टे लेकर बचाव भी कर लिया। जिसके बाद ग्लाडा अधिकारी कहने लगे कि मालिकों के पास स्टे हैं, तो वह एक्शन नहीं लिया। उसी तरह अब फिर ग्लाडा ने स्कीम खेली।
यह इमारतें हैं इललीगल
साउथ सिटी रोड पर 47 इमारतें इललीगल हैं। जिसमें नूमी, सरताज स्वीट्स, सोनी सेंटर – विपन पुरी, अनधिकृत निर्माण, तनेजा प्रॉपर्टीज, रणजोध सिंह, जसलीन चौधरी, तनेजा प्रॉपर्टी एडवाइजरस, जग्गी एस्टेट्स, भाग्य होम्स, गोयल प्लाई स्टोर, फॉर्च्यून लैंड डेवलपर्स, आर. के. वाइन्स, जुगनू (फूड एंड बेवरेज), जे9 (अर्बन वाइब्स), अनधिकृत निर्माण, नीलम प्रॉपर्टीज, ले एंट्रेस, द विंटर गार्डन, बाबा चिकन, कैप्टन रियल एस्टेट, रीगल प्रॉपर्टीज, बास्किन रॉबिन्स, डीबीएन प्रॉपर्टीज, बेक फ्रेश, डे नाइट 24/7, आरएस मेडिकेयर, सीएक्सवाई सैलून एंड स्पा, कोठारी मार्बल्स (जिम एंड स्पा), बेल्जियन वाफल, ऑल डे कॉफी कंपनी, तत्त्वम, ईट एन मीट, एचडीएफसी बैंक, चावला एवी सॉल्यूशन (इनोवेटिव थिएटर्स), रणवीर लिखी डिजाइन, अनधिकृत निर्माण, बसेरा प्रॉपर्टीज, सुखमनी प्रॉपर्टीज, छाबड़ा मोटर्स एंड डेवलपर्स, जसकरण देओल, सबवे, ग्रीन हाउस कैफे, डेक्कन गैलरी [बाइक स्टूडियो, एक्स्टेसी (डांस स्टूडियो)], ज़ेरो कोर्टयार्ड (ओबरा रेस्टोबार, लीला सैलून), करण पुरी (डे कार्टिनोज), चावला चिकन, तलवार प्रॉपर्टीज, क्लब-91 (स्नूकर, बाइक्स), जेएम क्रिएशन्स (अनधिकृत निर्माण), गार्डन ग्रिल (हॉट एन स्पाइसी), राजनेश स्याल के नाम शामिल है।
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Yashpal Sharma (Editor)