पंजाब। पंजाब में एक महिला ने पुलिस के एसपी रैंक के अधिकारी पर शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण, रेप और 2 बार जबरन गर्भपात कराने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि अधिकारी पहले से शादीशुदा था, फिर भी उसने धोखे में रखकर शादी की। महिला की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने तीन सप्ताह में जांच पूरी कर एक तर्कसंगत और स्पष्ट रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। अदालत ने साफ किया है कि यदि जांच में आरोपों में कोई सच्चाई नहीं पाई जाती है, तो याचिकाकर्ता को कानून के अनुसार सूचित किया जाए। अदालत ने यह भी कहा कि जांच अधिकारी निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच करें। याचिकाकर्ता महिला ने आरोप लगाया है कि संबंधित अधिकारी ने शादी का झांसा देकर उसे गुमराह किया, जिसके बाद उसका शोषण, रेप और जबरन गर्भपात कराया गया। महिला ने अदालत में अधिकारी पर FIR दर्ज करने की मांग रखी। साथ ही किसी स्वतंत्र एजेंसी या विशेष जांच दल (SIT) से जांच कराने और सुरक्षा देने की मांग को लेकर याचिका दायर की।
फरीदकोट रेंज के अधिकारी जांच कर रहे
कोर्ट में मौजूद पंजाब के एडिशनल एडवोकेट जनरल (AAG) कुंवरबीर सिंह ने ऑफिशियल रेस्पोंडेंट की तरफ से नोटिस स्वीकार किया और इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर के निर्देश पर बताया कि याचिकाकर्ता शिकायत मोगा के सीनियर सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (SSP) के ऑफिस में मिली थी। बाद में इसे ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन को भेज दिया गया, क्योंकि इसमें शामिल ऑफिसर SP रैंक का था। अब मामला जांच के लिए पेंडिंग है, जिसकी जांच फरीदकोट रेंज के IG कर रही हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शिकायत की जांच 3 हफ्ते के अंदर पूरी कर ली जाएगी। अदालत ने आगे कहा, “रिकॉर्ड में ऐसा कुछ नहीं है जिससे यह संकेत मिलें कि जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं हो रही। अदालत को भरोसा है कि जांच अधिकारी स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच करेंगे।” हालांकि, अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि शिकायत दर्ज करने में 12 साल की असामान्य देरी हुई है।
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Yashpal Sharma (Editor)