चुनावी रंजिश में AAP नेता की गोली मारकर हत्या, दोस्त गंभीर घायल
फिरोजपुर में कार सवार हमलावरों ने बाइक का पीछा कर बरसाईं गोलियां; नगर पंचायत प्रधान की कार पर भी फायरिंग, पुलिस ने आरोपियों की पहचान का दावा किया
फिरोजपुर | यशपाल शर्मा
फिरोजपुर में आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े नेता गुरप्रीत सिंह (45) की गोली मारकर हत्या किए जाने का मामला सामने आया है। शनिवार रात करीब 8 बजे ममदोट इलाके में हुई इस वारदात में उनके साथ बाइक पर जा रहे हरप्रीत सिंह (22) को भी गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल हरप्रीत को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे लुधियाना रेफर किया गया। पुलिस के अनुसार फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
बाइक का पीछा कर किया हमला
पुलिस के मुताबिक गुरप्रीत सिंह अपने दोस्त हरप्रीत के साथ बाइक पर जा रहे थे। इसी दौरान कार में सवार हथियारबंद हमलावरों ने उनका पीछा किया और मौका मिलते ही फायरिंग शुरू कर दी। गोलियां लगने से गुरप्रीत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि हरप्रीत घायल हो गया।
वारदात के दौरान गुरप्रीत के कुछ परिचित दूसरी कार में पीछे से आ रहे थे। हमलावरों ने उनकी कार को भी निशाना बनाते हुए गोलियां चलाईं।
नगर पंचायत प्रधान की कार भी बनी निशाना
पुलिस के अनुसार हमलावरों ने नगर पंचायत प्रधान राजेश कुमार मैनी की कार पर भी फायरिंग की। राजेश कुमार मैनी उस समय कार में मौजूद थे, लेकिन वह बाल-बाल बच गए।
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और घटनास्थल से फायरिंग से जुड़े साक्ष्य जुटाए।
चुनावी रंजिश का एंगल सामने आया
फिरोजपुर के एसएसपी भूपिंदर सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में वारदात के पीछे चुनावी रंजिश की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और पूरी तस्वीर जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
पुलिस ने कुछ संदिग्ध आरोपियों की पहचान किए जाने की बात कही है, लेकिन फिलहाल उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
मुख्य आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा
पुलिस के मुताबिक मामले में सामने आए मुख्य आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। आरोपी के पहले भी गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल रहने की जानकारी सामने आई है। पुलिस टीमें संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
गुरप्रीत सिंह का राजनीतिक जुड़ाव
गुरप्रीत सिंह के पास पार्टी का कोई औपचारिक पद नहीं था, लेकिन वह नगर पंचायत चुनाव के दौरान सक्रिय रहे थे। उनकी भाभी वार्ड नंबर-5 से पार्षद बताई गई हैं। परिवार में दो बच्चे हैं। उनकी पत्नी की करीब डेढ़ वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी थी।
पुलिस अब हत्या के पीछे चुनावी विवाद, पुरानी रंजिश और आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है।