पंजाब। पंजाब में 18 साल से बड़ी उम्र की महिलाओं के खाते में आज (1 जुलाई) ₹1100 करोड़ ट्रांसफर किए गए। इसकी शुरूआत CM भगवंत मान अपने गृह जिले संगरूर के धूरी से की। इसमें जनरल वर्ग की महिलाओं को 1 हजार और दलित (SC) वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपए महीना मिला। पहली बार सरकार ने 3 महीने की राशि इकट्ठी दी। जिसमें जनरल वर्ग की महिलाओं के खाते में 3 हजार और SC वर्ग की महिलाओं के अकाउंट में साढ़े 4 हजार रुपए दिए गए। सभा में बैठी एक महिला के मोबाइल पर साढ़े 4 हजार का पहला मैसज आया। CM मान ने कहा कि कल तक 40 लाख महिलाओं के रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं। महिलाओं को जुलाई, अगस्त और सिंतबर तक की रकम दी गई है। सीएम के भाषण के बीच एक महिला मंच पर पहुंची और खुद के फोन पर आया मैसेज सीएम को दिखाया। सीएम ने फोन पकड़कर मैसेज पढ़कर कहा कि 4500 रुपए आ गए जी। इसके बाद महिला ने कहा- मेरी चार बेटियां हैं, उनका खर्च तो निकलेगा ही। फिर सीएम ने कहा कि 4500 रुपए आए। सीएम ने महिला से पूछा कि आप कहां से हो। इस पर महिला का जवाब था कि धूरी से। सीएम ने कहा कि 4500 रुपए आ गए हैं। महिला ने कहा कि वह ब्लॉक प्रधान है। सीएम ने फिर सीएम ने पूछा कि इसका प्रयोग कहां करोगी, जिसपर महिला ने कहा- मेरी चार बेटियों का खर्च निकलेगा।
चुनाव से 8 महीने पहले वादा पूरा किया
आम आदमी पार्टी ने 2022 में चुनाव के वक्त ये वादा किया था कि सरकार बनने पर पंजाब में 18 साल से बड़ी उम्र की हर महिला को 1-1 हजार रुपए महीना दिए जाएंगे। हालांकि 4 साल तक इसको सरकार लटकाती रही। अब 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं, उससे करीब 8 महीने पहले सरकार ये वादा पूरा कर रही है। इसी साल सरकार ने बजट में 9300 करोड़ रुपए रखे थे। इस मामले में विपक्षी दल कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल ने कई बार सवाल उठाए कि ये स्कीम चुनाव देखकर लागू की जा रही है। इससे पहले के करीब साढ़े 4 साल का बकाया पैसा भी AAP सरकार को देना चाहिए। हालांकि AAP का तर्क है कि लोगों ने उन्हें 5 साल के लिए चुना था, इसलिए वह अपनी सरकार के टेन्योर में इसे पूरा कर रहे हैं।
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Yashpal Sharma (Editor)