लुधियाना में आप विधायकों में मची कैबिनेट मंत्री बनने की दौड़, डेवलपमेंट वर्क तक पहुंच अपना अपना रिपोर्ट कार्ड बेहतर करने की कवायद में जुटे

Mar 26, 2022 / /

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ओर से अपनी कैबिनेट में 10 विधायकों को जगह देने के बाद अभी सात विधायक ऐसे हैं, जिनके सिर अभी भी कैबिनेट मंत्री का ताज सजना बाकी है। यही कारण है कि लुधियाना शहरी से किस विधायक को कैबिनेट मंत्री बना दिया जाएगा, भले ही यह अभी समय के गर्भ में है, लेकिन हर विधायक डेवलेपमेंट वर्क का जायजा ले अपना अपना रिपोर्ट कार्ड बेहतर करने में जुटा गए हैं। लुधियाना के विधायकों में एक नए तरीके का कंपीटिशन शुरू हो गया है कि कहीं दूसरा विधायक मंत्री ना बन जाए। इसलिए सभी विधायक अपने अपने एरिया में चल रहे डेवलपमेंट वर्क को लेकर नगर निगम कमिश्नर व उनकी टीम को घेरे हुए हैं। पंजाब की मौजूदा सरकार की कैबिनेट में जिस लिहाज से पहले 10 मंत्री लिए गए हैं, उससे साफ है कि कैबिनेट मंत्री का दर्जा पाने वालों में सिन्योरिटी या पढ़े-लिखे का कोई फंडा नहीं है और तो ओर कईं सीनियर आम आदमी के विधायक भी इस दौड़ से किनारे कर दिए गए जो शुरू से आम आदमी पार्टी का दामन थामे हुए हैं। जिनमें अमन अरोड़ा और सर्वजीत और मानुके जैसे अहम नाम शामिल है। ऐसे में एक बात साफ है कि आम आदमी पार्टी की कैबिनेट मंत्री की दौड़ में पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल तक संबंध साधने वाला कोई भी ये बाजी मार सकता है।

---आखिर किस तरह से हो रही विधायक की कैबिनेट मंत्री बनने की चर्चा

बात करें लुधियाना के विधायकों की तो यहां से हिंदू चेहरों के तौर पर लुधियाना पश्चिमी से विधायक गुरप्रीत गोगी और लुधियाना नार्थ से विधायक मदन लाल बग्गा के बीच में दौड़ है। अगर गुरप्रीत गोगी का पक्ष देखा जाए तो उनकी ओर से पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशू को पलटी देकर चुनाव जीता गया हैं, जबकि वहीं अगर मदनलाल बग्गा का पक्ष देखा जाए तो किसी समय व अकाली दल में तत्कालीन डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल के नजदीकी थे और साथ ही उन्हें कैबिनेट का दर्जा भी प्राप्त था, इसलिए वह भी इस दौड़ में शुमार हैं। वहीं अगर सिख चेहरों की बात की जाए तो इनमें सबसे मजबूत दावा पूर्वी विधानसभा से चुनाव जीत कर आए दलजीत सिंह भोला गरेवाल का है जो कि आम आदमी पार्टी के जिला प्रधान भी रह चुके हैं और इसके साथ साथ अरविंद केजरीवाल सीधे-सीधे उनके संपर्क में हैं, केवल उनका आम आदमी पार्टी को छोड़कर कांग्रेस में जाना एक बड़ा धब्बा है। वही दूसरे सिख चेहरे की बात की जाए तो वह आत्म नगर विधानसभा से चुनाव जीते कुलवंत सिंह सिद्धू है । जिन्होंने लोक इंसाफ पार्टी प्रमुख और पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस की जमानत तक जब्त कर दी और वही इस सीट पर मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं कांग्रेस के उम्मीदवार कमलजीत सिंह कड़वल को भी पछाड़ दिया। इस तरह की चर्चा पिछले कईं दिनों से लुधियाना में है।

---- विधायकों की कारगुजारी पर हाईकमान के सर्वे के घेरे में

बात करें लुधियाना के विधायकों की कारगुजारी की तो वह भी आम आदमी पार्टी हाईकमान के सर्वे के घेरे में है। बड़ी बात है कि लुधियाना में कई सरकारी अफसर ऐसे हैं जिन पर रिश्वतखोरी और तमाम तरह की शिकायतें उनके खिलाफ है और इसके साथ साथ उन पर पूर्व कांग्रेसियों के चहेते होने के भी आरोप हैं। ऐसे में अगर मौजूदा विधायक इन अफसरों के चुंगल में फंस जाते हैं और इन अफसरों की शिकायत सीधे अगर पंजाब के सीएम भगवंत मान के पास पहुंच जाती है तो कहीं ना कहीं मौजूदा विधायक भी पार्टी की जांच के दायरे में आ सकते हैं, यह वह खतरा है जिससे मौजूदा आम आदमी के पार्टी के विधायक बिल्कुल पूरी तरह से अछूते हैं।

---आप विधायकों के घेरे में नगर निगम के कमिश्नर व सरकारी अमला

लुधियाना की तो बात करें तो यहां नगर निगम और इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की ओर से करवाए जाने वाले डेवलपमेंट वर्क ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें लेकर आम आदमी पार्टी से चुनाव जीते विधायक फोकस में रहने की कोशिश कर रहे हैं। अभी विधायकों के हाथ में पावर की चाबी ना होने से उनका एक्शन मोड भी केवल डिवॉल्पमेंट पर है। पिछले 1 सप्ताह की बात की जाए तो जहां गुरप्रीत गोगी नगर निगम के अफसरों से मीटिंग कर डेवलपमेंट वर्क का जायजा ले चुके हैं । वे बुड्ढा नाला सफाई और कुछ अंडरपास पब्लिक की सहूलियत को खोल मीडिया की सुर्खियों में है। वही इससे पहले विधायक मदन लाल बग्गा भी बुड्ढा नाला सफाई को लेकर नगर निगम अफसरों के साथ इसका जायजा लेने पहुंच चुके हैं और साथ ही आज उनकी ओर से कुछ सड़कों का उद्घाटन भी किया गया है। विधायक अशोक पराशर पप्पी भी मिनी रोज गार्डन में चल रहे डेवलपमेंट वर्क पर नगर निगम कमिश्नर को ले जा इसका मौका दिखा चुके हैं और इस काम में वे कई कमियां गिना इस पर एक्शन लेने का दबाव बनाए हुए हैं। वही ईस्ट हलके से विधायक दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल अपने एरिया के डेवलपमेंट वर्क को लेकर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट और गलाडा के अफसरों के साथ मीटिंग कर रहे हैं। यही यही कारण है कि ऐसे कई सरकारी अफसर जिन पर तमाम तरह के आरोप जिनमें कुछ पूर्व सरकार के चहेते अफसर भी हैं, पर सख्त एक्शन लेने की बजाए वे इन्हीं से काम लेने को मजबूर हुए पड़े हैं । लोकल लोकल बॉडी डिपार्टमेंट पंजाब का एक ऐसा सरकारी विभाग है जिसमें रोजाना की तमाम तरह की एक्टिविटी पंजाब सर की नगर निगम और ट्रस्टों में रहती है और यहां से रोजाना दर्जनों अफसरों के खिलाफ शिकायतें भी डिपार्टमेंट की हायर अथॉरिटी के पास पहुंचती है, लेकिन इसका चार्ज किसी कैबिनेट मंत्री को देने की बजाय पंजाब के सीएम भगवंत मान के पास ही यह चार्ज रखा गया है। इससे अब कयास लगाए जा रहे हैं कि अब इस डिपार्टमेंट का चार्ज जल्दी किसी नए कैबिनेट मंत्री को नहीं दिया जाएगा और भगवंत मान कम से कम छह महीने इसका लेखाजोखा देखेंगे। अब देखने वाली बात यह है कि पंजाब के मुख्यमंत्री इन शिकायतों पर अपना किस तरह से एक्शन लेते हैं। बड़ी बात है कि भगवंत मान की ओर से भी सभी विधायकों को यह है हिदायत की गई है कि वह कम से कम चंडीगढ़ आए और अपने हल्के और गली मोहल्ले में रहकर अपने क्षेत्र का काम देखें ।


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