पंजाब। प्रवर्तन निदेशालय की दिल्ली विंग ने पंजाब के मंडी गोविंदगढ़ में एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है। यह घोटाला करीब 3089.57 करोड़ रुपये के फर्जी बिलिंग और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। ईडी ने लुधियाना के जमालपुर थाने में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। कई बैंक अधिकारी और चार्टर्ड अकाउंटेंट भी जांच के दायरे में हैं। आरोपियों ने अवैध लेन-देन छिपाने के लिए कृषि उत्पाद बाजार समिति (एपीएमसी) खातों का उपयोग किया। उन्होंने फर्जी बिलिंग की रकम को कृषि भुगतान के नाम पर खपाया। इसके बाद तुरंत नकदी निकालकर ठिकाने लगा दी गई। जांच एजेंसी के अनुसार, बिना किसी वास्तविक खरीद-बिक्री के कागजी बिलों का ट्रांसफर किया गया। इससे सरकार से करोड़ों रुपये का फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल किया गया। ईडी के सहायक निदेशक सूरज कुमार यादव की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। इसमें अमित कुमार गोयल, मनीष कुमार, गौरव अग्रवाल और गुरदीप सिंह नामजद हैं। यह मामला सरकार के इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर द्वारा संदिग्ध लेन-देन चिह्नित करने के बाद सामने आया।
कृषि खातों का दुरुपयोग
इस सिंडिकेट ने मनी लॉन्ड्रिंग के लिए जानबूझकर एपीएमसी खातों को चुना। एपीएमसी राज्य सरकारों द्वारा संचालित एक व्यवस्था है। इन खातों में रोजाना करोड़ों रुपये का भारी नकद लेन-देन होता है। इससे बैंकिंग और कर स्क्रूटनी सिस्टम में ये लेन-देन सामान्य दिखते हैं। आरोपियों ने इसी छूट का फायदा उठाकर कर चोरी को अंजाम दिया।
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Yashpal Sharma (Editor)