लुधियाना। ग्लाडा व नगर निगम से एनओसी के लिए महीनों चक्कर काटने, जमकर रिश्वत का खेल चलने और पावर ऑफ अटॉर्नी पर लगाई 2 प्रतिशत स्टाम्प फीस को हटाने समेत अन्य मांगों को लेकर हैबोवाल प्रॉपर्टी डीलर एसोसिएशन की और से हैबोवाल मेन रोड पर एक मीटिंग की गई। इस मीटिंग में शहर के भारी संख्या में प्रॉपर्टी कारोबारी शामिल हुए। इस दौरान एसोसिएशन के प्रधान मनप्रीत सिंह मनी ने कहा कि ग्लाडा द्वारा 72 गज से नीचे वाले प्लॉटों की एनओसी नहीं दी जाती। इसे में अगर कोई व्यक्ति गरीब है या कम जमीन ले सकता है, फिर उसे एनओसी नहीं मिलेगी तो रजिस्ट्री कैसे होगी। वहीं अगर किसी का 200 गज का प्लॉट है। उसमें से वह 100 गज बेचता है, तो ग्लाडा उसे 200 गज की ही एनओसी देता है। वहीं ग्लाडा और निगम में एनओसी अप्लाई करने के लिए कई दिक्कतें हैं, उसके लिए फॉर्मेल्टी इतनी है कि जल्दी पूरी नहीं हो पाती। एनओसी के लिए पोर्टल पर पैसे जमा करवा दो, तो 2 साल तक एनओसी नहीं मिलती। अगर रिश्वत दे दों तो 20 दिन में मिल जाती है। इसके अलावा एसोसिएशन के सदस्यों ने मांग की कि सरकार द्वारा पावर ऑफ अटॉर्नी पर 2 प्रतिशत स्टाम्प फीस लगा रखी है। जिसे तुरंत हटाया जाए। उन्होंने कहा कि निगम में एनओसी का रेट 1350 प्रति गज करता है, जबकि दूसरे शहरों में 300-400 रुपए है। अकाली दल सरकार के समय में एनओसी जल्दी व सस्ती मिलती थी। स्लीप पर रजिस्ट्री हो जाती थी, मगर अब रजिस्ट्री नहीं होती। प्रधान मनप्रीत सिंह मनी, चेयरमैन इंद्रजीत मांगा, वाइस चेयरमैन जगदीश खन्ना, कुलविंदर सिंह प्रिंस, विक्की जयसवाल मौजूद थे।
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Yashpal Sharma (Editor)