पंजाब। पंजाब सरकार ने लोगों को सस्ते दामों पर रेत व बजरी मुहैया करवाने के लिए 100 साइट्स की नीलामी की तैयारी की है। यह नीलामी अगले कुछ की जाएगी। इसके लिए विभाग ने तैयारी शुरू कर दी। यह नीलामी ऑनलाइन, CRMS और LMS के जरिए होगी। इस प्रक्रिया से राज्य की आमदनी की रक्षा, योग्य कारोबारियों को बराबर मौका देने देना है। माइनिंग विभाग के मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि नई नीति के तहत बोली करने से लोगों और सरकार का फायदा हुआ है। वहीं, इस काम में तेजी आएगी। जानकारी के मुताबिक पहले कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए सुधार पुराने वॉल्यूम-आधारित सिस्टम से पूरी तरह अलग हैं। पहले बोलीदाता ज्यादा से ज्यादा खनन हिस्सेदारी का दावा करते थे। कई बार सभी 100 प्रतिशत कोट कर देते थे और फिर लॉटरी से चयन होता था। इससे राजस्व कम होता गया, गैर-गंभीर बोलीदाता बढ़े और माइनिंग साइट शुरू होने में देरी होती रही, क्योंकि पर्यावरण मंजूरी सरकार को लेनी पड़ती थी। जबकि अब कई पांच से छह बदलाव किए गए है। बोली प्रक्रिया ऑन लाइन होगी। रॉयल्टी पहले से जमा कराई जाएगी, जिससे स्थिर राजस्व मिलेगा। पर्यावरण मंजूरी लेने की जिम्मेदारी बोलीदाता की होगी। जिससे देरी कम होगी। इसके साथ ही डेड रेंट का प्रावधान है। ताकि सट्टेबाजी रोकी जा सके। यह नीलामी 3 साल से बढ़ाकर 5 साल की गई। सरकार ने 29 नई कॉमर्शियल माइनिंग साइटों (CMS) की ऑनलाइन नीलामी की। ये नीलामी अक्टूबर-नवंबर में निकाली गई थीं, जिनमें से 16 साइटों पर सफल बोली लगी और सरकार को ₹11.61 करोड़ का राजस्व मिला। खास बात यह है कि पिछले तीन वर्षों में राज्य में यह पहली माइनिंग नीलामी है।
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Yashpal Sharma (Editor)