कोविड महामारी तेजी से फैल रही, सजगता से इसका मुकाबला करें-सोनी जी

Mar 26, 2021 / /


"प्रार्थना सभा", में श्रद्धेय श्री नरेश सोनी जी (भाई साहिब) ने परम पूज्य श्री स्वामी जी महाराज, परम पूज्य बड़े पिता जी महाराज व् पूज्य गुरुजनों से सब के सुख व समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हुए कहा कि परम प्रभु श्री राम की कृपा से सब को सुखी, स्वस्थ एवं सम्मानित जीवन मिले। हे!गुरुदेव हे! महाराज हम आप के दरबार में इस विश्वास से आये हैं की यहां हमारी प्रार्थना सुनी जाएगी। हे महाराज! आप ने ही कहा है कि राम नाम ने लाखोँ पापियों को तारा है। हम भी इसी आशा से आये है कि आप हमारे कर्मों को न देखते हुए हम पर कृपा करेंगे। हे नाथ कोई मन से दुखी है कोई तन से दुखी है। अब तो इस महामारी के समय में केवल आप का सहारा है। हम तो श्रद्धा आशा और विश्वास के साथ आप के दरबार में आये हैं। आप हमारे अवगुणों को चित में न लाते हुए हमें सुखी स्वस्थ और सन्मानित जीवन प्रदान करें।
भाई साहिब जी ने कहा कि: कोविड महामारी तेजी से फैल रही है। हम ने सजगता से इस का मुकाबला करना है। प्रार्थना प्राश्चित है, प्रार्थना क्षमा याचना है, प्रार्थना भूल स्वीकार है। जाने अनजाने में गलती हो ही जाती है। जो गलतिया हुई उन के लिए प्रभु के शरण में आ कर क्षमा याचना करनी है। पापों और गलतियों के कारण हमारे अंदर जो नास्तिक भाव बढ़ गया है उसके निवारण के प्रभु श्री राम की शरण में आ कर बाल भाव से प्रार्थना करनी है। प्रभु श्री राम तो हमारी माँ है। जो भी बाल भाव से उन की शरण में जाता है वह उसे क्षमा कर ही देते हैं। उन से माँगना है तो नाम में भरोसा और सात्विक वृति मांगनी है, सेवा मांगनी है। प्रभु से माँगना है कि हमारा मन निंदा चुगली, वाद विवाद से दूर रहे। हमें भूलना है की पीछे क्या हुआ, कैसे हुआ, अब आगे का सोचना है। हमें अच्छा और सच्चा बनना है। कभी भी आस नही छोड़नी है। यह विश्वास रखना है कि आने वाला समय मंगल मय होगा। जैसे रात के बाद दिन आता है ऐसे ही दुख के बाद सुख आता है। जो भी गुरु और राम नाम का सहारा ले लेता है उस के बिगड़े काम तुरंत बन जाते हैं। राम नाम सभी सुखों को देने वाला है। राम नाम के जाप और प्रार्थना से बड़े से बड़े संकट का नाश हो जाता है। मन जब धैर्य को छोड़ दे तो भी हमें राम नाम का सिमरन नही छोड़ना है। क्योंकि सिर्फ राम नाम के जाप से सब मुश्किलें हल हो सकती हैं। हमें हर समय प्रभु का शुकराना करना है। दुःख का समय हो या सुख का हमें सिमरन करते रहना है । अपने विश्वास को कभी डावा डोल नहीं होने देना है। विश्वास जितना सुदृड़ होगा कष्ट उतना शीघ्र समाप्त होगा। परमेश्वर सदैव साधकों का साथ देता है। वह जो भी करता है इस में हमारी भलाई है यह विश्वास रखना है। हमें इस संकट के समय में मनोबल ऊँचा बनाये रखना है और इस महामारी के निवारण के लिए राम नाम का अधिक से अधिक जाप करना है।


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