स्टेट विजिलेंस ने इंप्रूवमेंट ट्रस्ट से मांगा ओरियंट सिनेमा में धांधली का रिकार्ड

Mar 29, 2022 / /

लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में पिछले तीन-चार साल में हुई बड़े बड़े घोटालों की अब पोल खुलने का सिलसिला शुरू होता दिखाई देने लगा है। आज स्टेट विजिलेंस की ओर से लुधियाना इंप्रूवमेंट से बीआरएस नगर स्थित ओरियंट सिनेमा का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है। इस पूरे मामले की इंक्वायरी स्टेट विजिलेंस के डीएसपी की ओर से की जा रही है और उनकी ओर से लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की ई ओ कुलजीत कौर से ओरिएंट सिनेमा का पूरा रिकॉर्ड मांगा है। इस शिकायत पत्र में सीधे-सीधे इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन रमन बालासुब्रमण्यम के नाम पर शिकायत की गई है। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट को जारी किए गए पत्र मुताबिक स्टेट विजिलेंस की ओर से ट्रस्ट से ओरियंट सिनेमा की अलॉटमेंट, कितनी कीमत पर अलॉटमेंट और इसकी मालकी संबंधी जानकारी मांगी है। ओरियंट सिनेमा फाइल की पूरी अटेस्टेड कॉपी और इसकी अलॉटमेंट दौरान फिक्स राशि,तय शुदा राशि में से कितनी पेमेंट ट्रस्ट को की गई जाएगी, इसका ब्यौरा भी मांगा गया है। इसके साथ-साथ ओरियंट सिनेमा की साइट पर कंस्ट्रक्शन का काम चल रहा है, यह किसकी मंजूरी पर काम करवाया जा रहा है और क्या इसकी कानूनी मंजूरी ली गई है। साफ-साफ विजिलेंस ने यह भी पूछा है कि मौजूदा साइट पर अब क्या काम चल रहा है और इसकी सीएलयू करवाया गया है इस संबंधी की पूरी जानकारी मांगी है। गौर हो कि ओरियंट सिनेमा को लेकर पिछले करीब 1 साल से शिकायतों का दौर जारी है और इस संबंधी लगातार एस्से आरटीआई में जानकारी भी मांगी जा रही थी लेकिन आरोप है कि इंप्रूवमेंट ट्रस्ट यह जानकारी तक लोगों को प्रोवाइड नहीं करवा रहा था सुनने में आ रहा है कि ओरिएंट सिनेमा पर लाखों रुपए का ब्याज और पेनेल्टी सहित बड़ी राशि खड़ी हुई थी और इसको लेकर इस सिनेमा के मालिक की पत्नी की ओर से ट्रस्ट में यह ब्याज और पेनल्टी माफ करने की गुहार भी लगाई गई थी इसके बाद सरकार की आई वन टाइम सेटेलमेंट स्कीम खत्म होने के दौरान गलत ढंग से इसका लाखों रुपया माफ कर दिया गया और सूत्रों का कहना है कि इस पूरे प्रकरण में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के पूर्व चेयरमैन रमन बालासुब्रह्मण्यम की एम कारगुजारी रही है उनकी ओर से नियमों के खिलाफ जाकर इस पूरे घालमेल को अंजाम दिया गया है हालांकि अभी यह जांच का विषय है और जल्द इस मामले में सच्चाई क्या है इसकी भी पोल स्टेट विजिलेंस की ओर से खोल दी जाएगी सुनने में यह भी आ रहा है कि यह शिकायत पूर्व कांग्रेस के दौरान स्टेट विजिलेंस के पास पहुंची थी और इस मामले में कड़ा एक्शन भी लेने की तैयारी थी लेकिन एक मंत्री के दबाव में यह मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था लेकिन अब फिर से यह मामला ठंडे बस्ते से बाहर आता दिखाई दे रहा है।


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