कोविड़-19 वैक्सीन पर अफवाहें बर्दाश्त नहीं, गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई

Jan 25, 2021 / /

कोविड-19 वैक्सीन की प्रभावशीलता पर अफवाहें फैलाने पर अंकुश लगाने को केंद्र ने राज्यों को सख्त कार्रवाई करने को कहा है। केंद्र ने राज्यों को सलाह दी है कि वे गलत सूचना फैलाने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करें।केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में इस पर भी जोर दिया कि देश के राष्ट्रीय नियामक प्राधिकरण ने पाया है कि दोनों टीके, सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया का 'कोविशील्ड' और भारत बायोटेक लिमिटेड द्वारा निर्मित 'कोवैक्सीन' सुरक्षित हैं और रोग प्रतिरोधी क्षमता का निर्माण करते हैं। केंद्र ने राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन के साथ मिलकर 16 जनवरी से देशभर में दोनों टीकों की सहायता से कोविड-19 टीकाकरण अभियान शुरू किया है।केंद्रीय गृह सचिव ने कहा कि कोविड-19 टीकाकरण पर राष्ट्रीय विशेषज्ञ समूह द्वारा तय की गई प्राथमिकता के अनुसार स्वास्थ्यकíमयों और अग्रिम मोर्चे पर डटे कíमयों को टीके लगाए जा रहे हैं और बाद में प्राथमिकता समूह दो और तीन को टीके लगाए जाएंगे। पत्र में कहा गया है, 'मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि देश में राष्ट्रीय नियामक प्राधिकरण ने दोनों टीकों को सुरक्षित और प्रतिरोधी क्षमता का निर्माण करने वाला पाया है। यह रिपोर्ट सामने आई है कि निराधार और भ्रामक अफवाहें इंटरनेट और अन्य मीडिया पर प्रसारित हो रही हैं, जिनमें इन टीकों की सुरक्षा और प्रभावशीलता के बारे में संदेह पैदा किया जा रहा है।' पत्र में कहा गया है, 'विशेष रूप से निहित स्वार्थो से इस तरह की अफवाहें फैलाने से आम लोगों के बीच अवांछित संदेह उत्पन्न हो सकता है। इसलिए, टीके की सुरक्षा और रोग प्रतिरोधी क्षमता से संबंधित सभी प्रकार की निराधार अफवाहों पर रोक लगाने की आवश्यकता है।' भल्ला ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से आग्रह किया कि वे इस तरह की अफवाहों के प्रसार पर रोक लगाने की कोई उपयुक्त व्यवस्था करें।

इन प्रावधानों के तहत हो सकती है कार्रवाई

भल्ला ने मुख्य सचिवों को राज्य सरकार के तहत सभी संबंधित प्राधिकारियों को निर्देश देने के लिए कहा कि वे कोविड-19 टीकों के बारे में 'गलत सूचनाएं' रोकने के साथ ही तथ्यात्मक संदेशों को तुरंत प्रसारित करने के लिए आवश्यक उपाय करें।' उन्होंने कहा, 'इसके अलावा ऐसी गतिविधियों में लिप्त पाए गए व्यक्ति या संस्था के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और भारतीय दंड संहिता, 1860 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।



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