कोविड़ लॉकडाउन के चलते सतलुज क्लब तीन महीने से बंद, मगर मैंबर्स से अप्रैल से मांगा जा रहा सब्सक्रिप्शन बिल

Jun 23, 2020 / /

जहां एक ओर पिछले करीब तीन महीनों से कोविड-19 लॉकडाउन के चलते सतलुज क्लब में मैंबर्स की एंट्री पूरी तरह से वैन की गई है, वहीं दूसरी ओर क्लब मैनेजमेंट की ओर से मैंबर्स को हर महीने की सब्सक्रिप्शन चार्जिस अदा करने का नोटिस व्हाटसऍप ग्रुप पर डालना शुरु कर दिया है। अब ऐसे में क्लब मैंबर्स के जहन में आ रहा है कि अगर क्लब पूरी तरह बंद पडे़ हैं तो वे हर महीने दी जाने वाली सब्सक्रिप्शन फीस की अदायगी क्यों करें और इसे लेकर क्लब के पूर्व जरनल सेक्रेटरी सहित कईं अन्य पोस्टों पर रहे संजीव ढांडा ने क्लब के प्रेसीडेंट व डिप्टी कमिश्नर लुधियाना को पत्र लिखकर ये सब्सक्रिप्शन फीस माफ करने की बात कही है। इसके साथ ऐसी कईं अन्य पत्र क्लब के जरनल सेक्रेटरी जीएस कैरों के पास भी आई हैं। इस बारे में जीएस कैरों का कहना है कि वे मैंबर्स की इन प्रपोजल को क्लब प्रेसीडेंट के पास रखेंगे और इस पर निर्णय उनकी ओर से लिया जाना है। ऐसे ही मामला लुधियाना के माल रोड स्थित रेड क्रास भवन बिल्डिंग के दुकानदारों की ओर से भी पिछले कुछ दिनों से उठाया हुआ है। ये बिल्डिंग भी डिप्टी कमिश्नर के दायरे में आती है और यहां सालों से बैठे दुकानदारों की ओर से भी लॉक डाउन पीरियड़ जिसमें उनकी दुकानें बंद पड़ी थी, उस समय किराया माफ करने की डिमांड की जा रही है। हालांकि पुराने डिप्टी कमिश्नर के तबादले के बाद अब नए डिप्टी कमिश्नर वरिंदर शर्मा की ओर से इस पर फैसला लिया जाना है। दुकानदारों का कहना है कि सरकार और जिला प्रशासन की ओर से कईं तरह की रियायतें दी जा रही है और जब उनकी दुकानें पूरी तरह बंद थी तो वे अपना किराये कैसे चुकाएं। हर महीने क्लब को आती करीब 35 लाख की सब्सक्रिप्शन फीस बात करें तो क्लब की ओर से हर एक मैंबर को प्रति महीना एक हजार रुपए की सब्सक्रिप्शन फीस अदा करनी होती है, जो क्लब आने व न आने वाले सभी मैंबर्स को देनी होती है। लॉकडाउन एलान के चलते क्लब में 22 मार्च 2020 के बाद से क्लब मैंबर्स के लिए पूरी तरह से बंद है। ऐसे में अब करीब तीन महीने की सब्सक्रिप्शन फीस मैंबर्स पर पेंडिंग आ खड़ी हुई है। क्लब में करीब 3300 के करीब मैंबर्स हैं। ऐसे में हर महीने करीब 33 लाख की सब्सक्रिप्शन फीस क्लब को आती है और तीन महीने की करीब एक करोड़ रुपए की ये फीस क्लब के खाते में आनी है, जबकि अभी तक क्लब खोले नहीं गए हैं।


------ क्लब का हर एक मैंबर क्लब आए या न आए, लेकिन हर महीने उसकी ओर से सब्सक्रिप्शन फीस अदा की जाती है, लेकिन जब क्लब ही कोविड़ के चलते लॉक डाउन है तो नियमों के तहत ये फीस लेनी नहीं बतनी और ये बात क्लब का हर मैंबर कह रहा है। इसी के चलते मैंने क्लब प्रेसीडेंट को पत्र लिख ये फीस माफ करने काे कहा है। इससे क्लब मैंबर्स को भी बड़ी राहत मिलेगी। संजीव ढांड़ा, पूर्व जरनल सेक्रेटरी सतलुज क्लब


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